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Gangotri ji ki Aarti & Bhajan Song with Lyrics | श्री गंगा मां की आरती

gangotri temple in summer season

Gangotri temple is one of the most sacred places for worshipers of Goddess Ganga. Here are some popular Ganga Ke Bhajan and Gangotri Ji ki Aarti in Hindi with lyrics.

The air in Gangotri appears to be chanting the mantra with the name of Goddess Ganga. The sound of Ganga Ke bhajan, Ganga Aarti, Ganga bhajan songs makes the atmosphere more spiritual.

Gangotri ji ki Aarti & Bhajan Songs

gangotri temple in summer season

Ganga Mata ji ki Aarti – Gangotri ji ki Aarti Songs with Lyrics in Hindi

ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता।
ॐ जय गंगे माता…

चन्द्र-सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता।
ॐ जय गंगे माता…

पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता।
कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता।
ॐ जय गंगे माता…

एक ही बार भी जो नर तेरी शरणगति आता।
यम की त्रास मिटा कर, परम गति पाता।
ॐ जय गंगे माता…

आरती मात तुम्हारी जो जन नित्य गाता।
दास वही जो सहज में मुक्ति को पाता।
ॐ जय गंगे माता…
ॐ जय गंगे माता…।।

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मन को पावन कर दो गंगा – Gangotri Ji ke Bhajan

मन को पावन कर दो गंगा,
जीवन कलश को धो धो गंगा,
हर हर गंगे मैया जय जय गंगे मैया,
करती हो शता से तेरी पूजा,
मन को पावन कर दो गंगा,

भागीरथ की देख तपस्या देव लोक से धरती पर आई,
ब्रह्मा कमण्डल विष्णु चरण तज गंगा विष्णु की जता में समाई,
बहती अमृत जल की धारा नव जीवन देकर तूने तारा,
हर हर गंगे मैया जय जय गंगे मैया,
करती हो शता से तेरी पूजा,
मन को पावन कर दो गंगा,

गो मुख से तू चल कर आती तट को तीर्थ बनाती है,
यमुना सरस्वती से मिल कर के प्रलाह्द की महिमा बड़ा ती है,
अमृत घट का अमृत देकर जग पावन कर देती है,
हर हर गंगे मैया जय जय गंगे मैया,
करती हो शता से तेरी पूजा,
मन को पावन कर दो गंगा

माँ गंगा की धारा – Gangotri Ji ke Bhajan

गंगे माँ हर हर गंगे माँ गंगे माँ हर हर गंगे माँ,
आई कल कल गंगे माँ शीतल निर्मल गंगे माँ,
शिव की जटा से आई जब धारा,
हुआ तब दशहैरा गंगा दशहैरा
कर ने दर्शन को गंगा धाम जो गया,
तन मन पावन कर देती माँ गंगा की धारा,

हरी की पौड़ी प्राणी जा के जल में  डुबकी लगाए,
पुण्य स लीला माँ गंगे पाप बहा कर ले जाए,
हाथ दीप लिए सारी दुनिया खड़ी,
तेरी आरती है मन पावन बड़ी,
मन को भाये फल न्यारा न्यारा,
माँ गंगा की धारा,

दुःख ये हरे घर  में खुशियाँ बरे है,
जादू गंगा का पानी
लाखो नदी इस दुनिया में है पर तेरा कोई ना सानी,
सारे पूजन विधि तेरे बिन न पूरी
करो आस मेरी आज मैया पूरी हर हर गंगे लगाओ नारा,
माँ गंगा की धारा

मेरे मन में निर्मल गंगा – Gangotri ji ki Aarti Bhajan

मेरे मन में निर्मल गंगा हो,
तन श्याम के रंग में रंगा हो,

सुख-दुख की कोई परवाह न हो,
नित ध्यान हो बस श्री चरणों का,
प्रभु भक्ति के प्रेम सुधा रस में,
इस दुनियां का भी ध्यान न हो,

मन प्रेम उमंग में डूबा रहे,
बंसी की धुन हो कानों में,
प्रभु राम की मूरत नैनों में,
हनुमंत लाल की सेवा हो,

सब अपने कोई पराया न हो,
जीवन में भय का साया न हो,
बस प्रभु की कृपा हो जीवन में,
नित भक्ति की  शीश पे छाया हो